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हाल हीं में मध्य प्रदेश में बड़ा सियासी उलटफेर हुआ है। कांग्रेस की सरकार गिरी है और बीजेपी फिर वहां सत्ता पर काबिज होने में कामयाब हो पायी है। सवाल है कि क्या मध्य प्रदेश एक बार फिर सियासी उलटफेर की ओर बढ़ रहा है? इस सवाल की वजह है यहां 24 सीटों पर होने वाले चुनाव जिसको लेकर कांग्रेस ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को अहम टास्क सौंपा है। मध्य प्रदेश में सिर्फ 15 महीने में कांग्रेस की कमलमाथ सरकार की विदाई हो गयी थी. इस प्रमुख राज्य में सत्ता से हाथ धोने के कारण कांग्रेस बेहद आहत है. बीजेपी और कांग्रेसी सरकार के पतन के कारण बने ज्योतिरादित्य सिंधिया से इसका बदला लेने के लिए कांग्रेस 24 विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव में कड़ी टक्कर देने की तैयारी कर रही है.

उपचुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस ने अपने प्रचार अभियान की रणनीति बनाने का काम प्रशांत किशोर को दिया है. कांग्रेस के सूत्र बताते हैं कि प्रचार अभियान की कमान संभालने के लिए पार्टी ने तीन कंपनियों के प्रस्ताव पर विचार किया था. लेकिन सभी प्रस्तावों पर विचार के बाद प्रशांत किशोर को ही काम देने का फैसला हुआ. कांग्रेस ने तय किया है कि इस उप चुनाव में सारी ताकत झोंक देनी है. लिहाजा बीजेपी को घेरने के लिए कांग्रेस का वॉर रूम भोपाल में न होकर ग्वालियर में होगा. कांग्रेस सिंधिया समर्थक नेताओं के खिलाफ बेहद मजबूत प्रत्याशी उतारने की रणनीति बना रही है.