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एक तरफ जहां कोरोना लोगों के अपनो से दूर कर रही है तो वहीं मध्य प्रदेश में ठीक इसके उलट कोरोना महामारी के कारण एक परिवार के लिए उनका मरा हुआ बेटा जिंदा लौट आया।

मध्य प्रदेश के छतरपुर में कोरोना महामारी के बीच में एक परिवार का ‘मरा हुआ बेटा’ जिंदा लौटा आया। छतरपुर के बिजावर इलाके में तीन साल पहले बिजावर के मौनासइया जंगल में एक कंकाल मिला था जिसकी पहचान भगोला आदिवासी ने अपने बेटे के रूप में की थी।

दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। विश्व भर में इस महामारी से अबतक 2 लाख 90 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। भारत में भी इस महामारी की चपेट में अबतक 81 हजार से ज्यादा लोग आ गए हैं। जबकि 2600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। जहां एक तरफ कोरोना ने कई लोगों से उनकी जिंदगी ले ली, तो वहीं मध्य प्रदेश के छतरपुर के खुश नसीब मां-बाप ऐसे भी हैं जिनका तीन साल पहले मर चुका बेटा लॉकडाउन के दौरान घर लौट आया है। जिस बेटे के शव का ये लोग 3 साल पहले अंतिम संस्कार कर चुके थे, वह बेटा अचानक अपने घर गया। जिसे देख उसके मां-बाप भौचक्के रह गए।

दरअसल, मध्य प्रदेश के छतरपुर में कोरोना महामारी के बीच में एक परिवार का ‘मरा हुआ बेटा’ जिंदा लौटा आया। छतरपुर के बिजावर इलाके में तीन साल पहले बिजावर के मौनासइया जंगल में एक कंकाल मिला था जिसकी पहचान भगोला आदिवासी ने अपने बेटे के रूप में की थी। परिजनों ने कंकाल का अंतिम संस्कार भी अपने बेटे की तरह कर दिया था। अब कोरोना संकट के चलते कई राज्यों से मजदूर घर वापसी कर रहे ऐसे में अचानक डिलारी गांव में एक युवक उदय आदिवासी अपने घर पहुंचा तो लोग हक्के-बक्के रह गए। जो पिता अपने बेटे को मरा समझकर अंतिम संस्कार कर चुका था वह अचानक सामने जिंदा खड़ा था।